

कोलकाता : शिक्षक दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आरोपों पर पलटवार किया। शनिवार को ‘देश बचाओ गणमंच’ के कार्यक्रम में उन्होंने नाम लिये बिना भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘प्रचारसर्वस्व’ और ‘संस्कृतिहीन’ करार दिया।
ममता ने कहा, “शिक्षागुरु आज बेहद वंचित, लांछित, प्रताड़ित और अपमानित हैं। जिन शिक्षकों ने बचपन से हमें शिक्षा दी, उनसे मिला ज्ञान ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।” उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में सभी विधायकों और सांसदों को कम-से-कम पांच स्कूल भवन बनाने के लिए कहा जाता था।
राज्यसभा सांसदों के फंड से भी स्कूल भवन, एंबुलेंस और सीसीटीवी समेत कई बुनियादी सुविधाएं विकसित की गयीं। ममता ने कहा कि पहले से तैयार बुनियादी ढांचे का सही रखरखाव किया जाए तो भी काफी विकास संभव है।
ममता ने हॉकर्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये गरीबों की रोजी-रोटी क्यों छीनी जा रही है? साथ ही उन्होंने महिलाओं को ‘लक्ष्मी भंडार’ का लाभ नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “मेरी पहचान मेरी शिक्षा, मानवता और सौहार्द है। मैं किस तरह धर्म का पालन करती हूं, यह मेरी पहचान नहीं हो सकती।”