

कोलकाता : तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस पर शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के शक्ति प्रदर्शन ने बंगाल की सियासत गरमा दी। कैथेड्रल रोड पर कालीघाटपंथी खेमे की सभा में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मोर्चा संभाला, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने रानी रासमणि एवेन्यू में अलग सभा की। दोनों खेमों की सभाओं से एक-दूसरे पर तीखे हमले हुए।
कैथेड्रल रोड से ममता ने हुंकार भरी कि ‘तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द सत्ता में लौटेगी।’ उन्होंने कहा कि धमकी या दबाव से उन्हें पीछे नहीं हटाया जा सकता। भाजपा सरकार पर पुलिस और प्रशासन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक, लोकतांत्रिक और कानूनी, तीनों मोर्चों पर लड़ाई जारी रखेंगी। चुनाव में धांधली और मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही। जादवपुर और प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय समेत शिक्षण संस्थानों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप का भी उन्होंने विरोध किया।
ममता ने महंगाई को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। जीरा, प्याज और चीनी समेत जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आम आदमी कैसे गुजारा करेगा। फुटपाथ से हॉकर्स हटाने से पहले पुनर्वास की मांग करते हुए उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात कही। रक्षाबंधन के मौके पर उन्होंने 10 बेघर हॉकर्स और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को राखी बांधी।
वहीं, अभिषेक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र-युवा आंदोलन से सरकार की कुर्सी हिल रही है। ऋतब्रत खेमे पर हमला करते हुए उन्होंने साफ कहा कि तृणमूल छोड़कर भाजपा के साथ जाने वाले ‘बेमानों’ की पार्टी में वापसी नहीं होगी। उन्होंने ईडी, सीबीआई और पुलिस समेत एजेंसियों के कथित इस्तेमाल का आरोप लगाया और कहा कि दबाव के बावजूद तृणमूल कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। अन्नपूर्णा भंडार योजना को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
सभा में भारी भीड़ के कारण कुछ देर अव्यवस्था हुई। कई वाहन सभा क्षेत्र में घुस गये और एक एंबुलेंस भी फंस गयी। ममता ने वाहनों को निकलवाने और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की। स्थिति सामान्य होने के बाद सभा फिर शुरू हुई।