'शिल्पान्न' कार्निवल में पहुंचीं ममता, हस्तशिल्प को बढ़ावा

बंगाल के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प
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कोलकाता: बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अलीपुर स्थित कुटीर उद्योग केंद्र 'शिल्पान्न' में आयोजित शॉपिंग कार्निवल का दौरा किया। यह कार्निवल राज्य की हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग की प्रतिभा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है।

‘शिल्पान्न’ में कुल 45 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बंगाल के चमड़े के उत्पाद, साड़ियां और विभिन्न हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही हैं। कारीगर और शिल्पी अपनी कला और कृतियों को लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल का निरीक्षण किया, कारीगरों से बातचीत की और उनकी मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें उत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की विशिष्ट शैली और कलाकारों की निपुणता राज्य का गर्व है।

ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि ‘शिल्पान्न’ जैसे प्रयास स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से बंगाल के हस्तशिल्प को और अधिक प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।

यह शॉपिंग कार्निवल राज्य के एमएसएमई एवं वस्त्र विभाग की पहल और HIDCO के सहयोग से आयोजित किया गया है। पहले यह कार्निवल 22 फरवरी तक चलने वाला था, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे बढ़ाकर 2 मार्च तक कर दिया गया है। इस कार्निवल के माध्यम से कारीगरों और शिल्पियों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिल रहा है, जबकि आम जनता भी एक छत के नीचे विविध और गुणवत्तापूर्ण हस्तशिल्प वस्तुएं खरीद सकती है।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान स्थानीय कलाकारों और कारीगरों से बातचीत करके उनकी समस्याओं और सुझावों को भी जाना, जिससे राज्य में हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग को और सशक्त बनाने में मदद मिल सके।

इस प्रकार ‘शिल्पान्न’ शॉपिंग कार्निवल न केवल बंगाल के हस्तशिल्प को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत कर रहा है।

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