

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार को मुर्शिदाबाद के सागरदिघी में चुनावी रैली के दौरान उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य 23 से 29 अप्रैल के बीच होने वाले विधानसभा चुनावों को बाधित करना और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना है। उन्होंने कहा, “अमित शाह ने ही यह पूरी साजिश रची है, चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग (ECI) पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आयोग पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा, “प्रशासन अब मेरे हाथ में नहीं है। अधिकारियों का तबादला तो कर दिया गया, लेकिन स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया। न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की गई।”
ममता ने यह भी दावा किया कि मालदा की घटना पहले से योजनाबद्ध थी। उन्होंने कहा, “बीजेपी एक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रही है ताकि पूरे राज्य की छवि खराब की जा सके और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।” हालांकि, उन्होंने जनता से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्रीय एजेंसियां जैसे सीबीआई और एनआईए चुनाव से पहले कार्रवाई कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी देर रात एक पत्रकार से मिली, क्योंकि प्रशासन ने उन्हें सूचित नहीं किया। उन्होंने नए मुख्य सचिव पर भी जानकारी न देने का आरोप लगाया।
इधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य की “नागरिक और पुलिस प्रशासन की पूर्ण विफलता” बताया है। अदालत ने इसे “निंदनीय” और “पूर्व नियोजित” करार देते हुए न्यायपालिका को डराने की कोशिश बताया। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और चुनावी माहौल और भी गरमाता नजर आ रहा है।