

कोलकाता: SIR के कार्य में लापरवाही के आरोप में निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के सात सरकारी अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश का कड़ा विरोध करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार किया है।
मंगलवार को नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयोग की कार्रवाई का शिकार हुए उन अधिकारियों की नौकरी जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता, बल्कि राज्य सरकार उन्हें भविष्य में पदोन्नति देकर पुरस्कृत करेगी। चुनाव से पहले आयोग के इस सख्त कदम को उन्होंने “तुगलकी” और “प्रतिशोधात्मक” बताते हुए सीधे तौर पर आयोग को चुनौती दी।
इस दिन, SIR कार्य से जुड़े सात AERO को जिस तरह जल्दबाजी में निलंबित किया गया, उसे उन्होंने अनुचित बताया। उनका कहना था कि राज्य सरकार ने “शिष्टाचारवश” आयोग के निर्देशों का पालन किया, लेकिन अधिकारियों को अन्यायपूर्ण सजा दी गई। उन्होंने साफ कहा कि जिन अधिकारियों को पदावनति की धमकी दी जा रही है, राज्य सरकार उन्हें पदोन्नति सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का न्यूनतम अवसर भी नहीं दिया गया। सामान्य प्रशासनिक नियमों के तहत निलंबन से पहले कारण बताओ नोटिस और जांच होती है, लेकिन यहां बिना जांच अंतिम निर्णय ले लिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों को वह व्यक्तिगत रूप से जानती हैं और वे मेहनती व ईमानदार हैं।
उन्हें चुनावी कार्यों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके अभिभावक की तरह हमेशा साथ खड़ी रहेगी।