

नई दिल्ली : राजधानी की एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता Asiya Andrabi को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि उनकी दो सहयोगियों Sofi Fehmeeda और Nahida Nasreen को 30-30 साल की सजा दी गई है।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Chander Jit Singh ने सजा पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुनाया। इससे पहले 14 जनवरी 2026 को तीनों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।
आसिया अंद्राबी ने 1987 में महिला अलगाववादी संगठन Dukhtaraan-e-Millat की स्थापना की थी। उन्हें अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने तीनों को आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने, राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने और प्रतिबंधित संगठनों का समर्थन करने जैसे गंभीर आरोपों में दोषी पाया।
मामले की जांच कर रही National Investigation Agency (NIA) ने अदालत से अंद्राबी के लिए उम्रकैद की मांग की थी। एजेंसी का कहना था कि उन्होंने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा और ऐसे मामलों में कड़ा संदेश देना जरूरी है।
अदालत के इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जो आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है।