तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, पुलिस ने बरामद किए 118 कछुए, तस्कर गिरफ्तार

Major smuggling plot foiled, police recover 118 turtles, smugglers arrested.
बरामद किये गये कछुए REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बशीरहाट: उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट अनुमंडल अंतर्गत बदुआ थाना पुलिस ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई एक विशेष छापेमारी में पुलिस ने 118 कछुए बरामद किए हैं। इस घटना ने राखालगाछी के तीन रास्ता मोड़ इलाके में व्यापक सनसनी फैला दी है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने अंतरराष्ट्रीय या अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क को करारा झटका दिया है।

नाकेबंदी कर पकड़ी गई संदिग्ध गाड़ी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें गुप्त सूत्रों से खबर मिली थी कि एक चार पहिया गाड़ी में बड़ी संख्या में कछुओं को तस्करी के उद्देश्य से कहीं दूर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही बदुआ थाना पुलिस ने राखालगाछी तीन रास्ता मोड़ इलाके में जाल बिछाया और निगरानी बढ़ा दी। जैसे ही संदिग्ध गाड़ी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोक लिया। जब गाड़ी की सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भारी मात्रा में जीवित कछुए बरामद हुए, जिन्हें बोरियों या बक्सों में ठूंसकर रखा गया था।

तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

इस मामले में पुलिस ने अब्दुल अलीम मंडल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक पूछताछ के बाद पुलिस को संदेह है कि अब्दुल लंबे समय से वन्यजीव तस्करी के इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कछुओं को कहां से लाया गया था और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है।

वन विभाग को सौंपे गए कछुए

बरामद किए गए सभी 118 कछुओं को वन विभाग के अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के विशेषज्ञ कछुओं की प्रजाति और उनकी शारीरिक स्थिति की जांच करेंगे। प्राथमिक उपचार और देखभाल के बाद, इन कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास (किसी सुरक्षित जलाशय या नदी) में छोड़ दिया जाएगा।

पर्यावरण प्रेमियों ने की सराहना

पुलिस की इस कार्रवाई का स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों ने स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े अभियानों से न केवल बेजुबान जीवों की जान बचती है, बल्कि तस्करी करने वाले सिंडिकेट को भी एक कड़ा संदेश जाता है।

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