PNG नेटवर्क में मार्च में बड़ा इजाफा

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान में बताया कि मार्च के दौरान घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छात्रावासों और कैंटीन सहित 3.1 लाख से अधिक कनेक्शन के लिए गैस की आपूर्ति शुरू की गई है।
फाइल फोटो।
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नई दिल्लीः भारत ने मार्च महीने में पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) के 3.1 लाख से अधिक नए कनेक्शन के लिए गैस की आपूर्ति शुरू की दी है, जबकि जबकि 2.7 लाख अन्य नए कनेक्शन जोड़े हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के बंद होने से रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच सरकार ने स्वच्छ ईंधन नेटवर्क के विस्तार को और तेज कर दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिसके माध्यम से भारत अपना अधिकांश एलपीजी का आयात करता है। युद्ध के कारण इस मार्ग के प्रभावित होने से एलपीजी की आपूर्ति में दिक्कतें आई हैं। हालांकि, देश की प्राकृतिक गैस की आधी जरूरत स्थानीय उत्पादन से पूरी होती है और शेष हिस्से के लिए सरकार ने विभिन्न विदेशी स्रोतों से इंतजाम किए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान में बताया कि मार्च के दौरान घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छात्रावासों और कैंटीन सहित 3.1 लाख से अधिक कनेक्शन के लिए गैस की आपूर्ति शुरू की गई है। इसका आशय है उन पाइपलाइन में गैस की आपूर्ति शुरू कर दी गई जहां पहले से कनेक्शन मौजूद थे। इसके अलावा, इसी महीने 2.7 लाख नए आवेदन स्वीकार कर कनेक्शन दिए गए हैं।

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फरवरी के अंत तक भारत में 1.64 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन थे। सरकार ने अब इस विस्तार अभियान को जून के अंत तक बढ़ा दिया है और शहरी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे छात्रावासों और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दें।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में घरों और सीएनजी को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि औद्योगिक इकाइयों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा दिया जा रहा है। बयान के अनुसार, एलपीजी का वितरण वर्तमान में स्थिर है और मार्च में प्रतिदिन औसतन 50 लाख से अधिक सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।

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