

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के लिए दो बड़े नीतिगत सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य महिला अधिकारियों को समान अवसर प्रदान करना और ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले जवानों के परिवारों को अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) तथा अन्य लाभ जल्दी उपलब्ध कराना है। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, तटरक्षक महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल की पिछले पांच दशकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ये नई नीतियां बल का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसकी परिचालन क्षमता को भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय तटरक्षक बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार समुद्री सुरक्षा बल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नई नीति के तहत अब भारतीय तटरक्षक बल में महिला उम्मीदवारों को पुरुषों के समान शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (PA) दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा। वहीं, पुरुष उम्मीदवार भी अब SSA के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नीति के अनुसार, महिलाओं को प्रशिक्षण से लेकर पदोन्नति तक समान अवसर दिए जाएंगे। वर्तमान में कार्यरत स्थायी महिला अधिकारियों को पात्रता पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा। वहीं, शॉर्ट सर्विस पर कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर अपनी सेवा को स्थायी नियुक्ति में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा।
दूसरे बड़े सुधार के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक कर्मियों के परिजनों को राहत देने की प्रक्रिया आसान बनाई गई है। अब ऐसे कर्मियों को अनुग्रह राशि और अन्य सेवा लाभ देने के उद्देश्य से 'मृत मानने' (Presumed Dead) की घोषणा करने का अधिकार तय किया गया है।
इस बदलाव से शहीद या लापता जवानों के परिवारों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता एवं सेवा संबंधी लाभ मिल सकेंगे।
सरकार का कहना है कि ये दोनों सुधार 'नारी शक्ति' को बढ़ावा देने और देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।