

इंदौर : भारत की अध्यक्षता में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों की पांच दिवसीय कृषि बैठक में सदस्य देशों ने किसानों के अधिकार, खाद्य सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बैठक में बीज प्रणालियों में किसानों के अधिकारों और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए ‘ग्लोबल फोरम ऑन फार्मर्स राइट्स इन सीड सिस्टम्स’ स्थापित करने पर सहमति बनी है, जिसका समन्वय भारत करेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देशों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों को मंजूरी दी है। इनमें ‘ब्रिक्स एग्रीन नेटवर्क’ भी शामिल है, जो कृषि आदानों, आनुवंशिक संसाधनों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करेगा।
बैठक में ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज’ की पहल को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य खाद्यान्न व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाना है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए ब्रिक्स देशों ने एग्रोइकोलॉजी और पुनर्योजी कृषि के लिए ‘ब्रिक्स सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस नेटवर्क’ बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), भू-स्थानिक तकनीक और डिजिटल समाधान के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ‘डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क’ बनाने पर भी सहमति बनी है।
इस नेटवर्क का शुरुआती समन्वय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन पहलों का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सशक्त बनाना, वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ एवं सक्षम बनाना है।