

कोलकाता: राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 7 किलो चावल दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनीय ने राशन वितरण में भ्रष्टाचार और निम्न गुणवत्ता वाले चावल की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अतीत में बिचौलियों द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई, लेकिन अब ऐसी किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से खाद्यान्न सीधे किसानों और वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। किसानों से भी अपील की गई है कि वे सीधे सरकारी एजेंसियों के संपर्क में रहें।
खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई डिस्ट्रीब्यूटर या राशन डीलर भ्रष्टाचार या अनियमितता में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने की बात कही है।
सरकार ने कहा कि सेंट्रल पूल और स्टेट पूल से मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। यदि कहीं निम्न गुणवत्ता का चावल मिलता है तो उसे तत्काल डिस्ट्रीब्यूटर को वापस करना होगा। साथ ही राशन डीलरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न स्वीकार न करें।
सरकार ने लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता का राशन उपलब्ध कराने के लिए टूटे हुए चावल की सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर गुणवत्ता वाला राशन सुनिश्चित किया जा सकेगा।