

कोलकाता : भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा-पार यात्री रेल सेवाएं जल्द फिर से शुरू हो सकती हैं। ईस्टर्न रेलवे ने मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस के संचालन को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, ट्रेनों के दोबारा संचालन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। जैसे ही सरकार की ओर से हरी झंडी मिलेगी, ट्रेन सेवाएं तत्काल शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए रेक और कोच की सफाई, मरम्मत और तकनीकी जांच पहले ही पूरी कर ली गई है।
भारत द्वारा करीब दो साल बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा फिर से शुरू करने के फैसले के बाद सीमा-पार रेल सेवाओं की बहाली की उम्मीद भी बढ़ गई है। वीजा सेवा शुरू होते ही बांग्लादेश के वीजा केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक इलाज और अन्य कामों के लिए कोलकाता आते हैं। हवाई यात्रा महंगी होने के कारण वे ट्रेन सेवाएं दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मिताली एक्सप्रेस के रेक अच्छी स्थिति में हैं और उनका नियमित रखरखाव किया जा रहा है। दिसंबर 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान यह रेक भारत लौट आए थे। मिताली एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी और ढाका के बीच चलती है।
वहीं, मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस के रेक फिलहाल कोलकाता में मौजूद हैं और उन्हें भी कभी भी सेवा में लगाया जा सकता है।
भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे सहयोग का लंबा इतिहास रहा है। भारत पहले भी बांग्लादेश को कई रेल कोच और लोकोमोटिव उपलब्ध करा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले महीने पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री से तैयार 20 ब्रॉड-गेज कोचों की पहली खेप भी बांग्लादेश भेजी जाएगी।
रेलवे को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी होते ही सीमा-पार रेल सेवाएं बहाल होंगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी और द्विपक्षीय संपर्क भी मजबूत होगा।