महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 9 माह बढ़ाया गया

ओडिशा-छत्तीसगढ़ के बीच जल बंटवारे के विवाद के समाधान के लिए केंद्र का फैसला
महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 9 माह बढ़ाया गया
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भुवनेश्वर : केंद्र सरकार ने महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 9 महीने बढ़ाकर अगले साल 13 जनवरी तक कर दिया है, जिससे ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अधिक समय मिल सके।

जल शक्ति मंत्रालय ने शुक्रवार को इस फैसले की अधिसूचना जारी की। ट्रिब्यूनल का वर्तमान कार्यकाल 13 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन दोनों राज्यों के संयुक्त अनुरोध पर इसे बढ़ाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, कोविड-19 महामारी और लंबे समय तक स्थायी अध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई प्रभावित हुई थी, इसलिए कार्यकाल बढ़ाने की जरूरत पड़ी। इस विस्तार से ट्रिब्यूनल को सुनवाई जारी रखने और अंतिम निर्णय तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का गठन 2018 में किया गया था, जब ओडिशा ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ ने नदी के ऊपरी हिस्से में बैराज बनाकर पानी के प्रवाह को प्रभावित किया है। दोनों राज्यों के बीच कानूनी सुनवाई के साथ-साथ आपसी बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश भी जारी है।

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