बंगाल की यशमिता ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

सुरों को पहचानकर रचा इतिहास
Madhyamgram Girl Yashmita Dutta Creates Guinness World Record in Music
यशमिता ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

मध्यमग्राम : पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम की 11 वर्षीय यशमिता दत्त ने संगीत की दुनिया में एक अद्भुत कारनामा कर दिखाया है। बिना किसी वाद्ययंत्र या नोट्स को देखे, केवल कान से सुनकर म्यूजिकल नोट्स और कॉर्ड्स पहचानने की अपनी असाधारण क्षमता के बल पर उन्होंने 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के लिए चालू वर्ष 4 जनवरी को आवेदन जमा किया गया था, जिसकी गहन जांच के बाद जुलाई में आधिकारिक मान्यता मिली। यशमिता के पिता एकनिष्ठ दत्त के अनुसार, इस श्रेणी में अभी तक कोई अन्य इस स्तर तक नहीं पहुंच सका है।

महज दो मिनट में बनाया अनोखा विश्व रिकॉर्ड

यशमिता ने मात्र 2 मिनट 2 सेकंड में 39 म्यूजिकल नोट्स और 1 मिनट में 20 कॉर्ड्स को सही पहचानकर यह नया रिकॉर्ड बनाया है। इस बड़ी सफलता के पीछे उनकी वर्षों की कठिन साधना है। साढ़े चार साल की उम्र में अपनी मां से संगीत का प्राथमिक ज्ञान लेने के बाद, उन्होंने पांच साल की उम्र से संगीत शिक्षक सौभिक कुंडू से की-बोर्ड बजाना सीखा। इसके बाद उन्होंने लगातार अभ्यास से सुनकर नोट्स और कॉर्ड्स पहचानने की अपनी क्षमता को विकसित किया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ-साथ उनका नाम 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में भी दर्ज है।

ए.आर. रहमान के साथ काम करने और प्ले-बैक सिंगर बनने का सपना

मध्यमग्राम जैशोर रोड स्थित अपार्टमेंट में रहने वाली यशमिता के पिता आईटी पेशेवर हैं और मां कोयल गृहिणी हैं। घर का एक छोटा सा कमरा ही उनका संगीत संसार है, जहां की-बोर्ड, हरमोनियम, गिटार, मेलोडिका और कैसियो जैसे वाद्ययंत्र रखे हैं। इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए यशमिता ने बताया कि उनका सपना भविष्य में प्ले-बैक सिंगर बनना है और वह प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान के साथ काम करना चाहती हैं।

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