ईरान मुद्दे पर ट्रंप के बयानों से नाराज़ मैक्रों, कहा- रोज़-रोज़ विरोधाभासी बातें ठीक नहीं

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को सैन्य बल से मुक्त कराने का विचार अवास्तविक, अमेरिका के बदलते रुख से NATO की विश्वसनीयता पर सवाल
ईरान मुद्दे पर ट्रंप के बयानों से नाराज़ मैक्रों, कहा- रोज़-रोज़ विरोधाभासी बातें ठीक नहीं
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बदलते बयानों पर नाराज़गी जताई। मैक्रों ने कहा कि ट्रंप हर दिन ईरान को लेकर विरोधाभासी बयान नहीं दे सकते और इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर असर पड़ता है।

दक्षिण कोरिया में बोलते हुए मैक्रों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को सैन्य बल के जरिए मुक्त कराने के विचार को अवास्तविक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग, खासकर अमेरिका, सैन्य ऑपरेशन के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को नियंत्रित करने की बात करते हैं, लेकिन फ्रांस ने कभी इस विकल्प को नहीं चुना और इसे व्यावहारिक नहीं मानता।

मैक्रों ने कहा कि ऐसा सैन्य अभियान बहुत लंबा समय लेगा और स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज़ों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ेगा। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में जोखिम और बढ़ जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ कई हफ्तों से लगभग प्रभावित है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मैक्रों ने अमेरिका के बदलते रुख पर NATO को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका रोज़ अपने रुख पर संदेह पैदा करता है तो इससे गठबंधन की विश्वसनीयता कमजोर होती है। मैक्रों के अनुसार, वाशिंगटन के अस्थिर संकेत ट्रांस-अटलांटिक साझेदारी के लिए चुनौती बन सकते हैं।

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