उपराज्यपाल द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा

उपराज्यपाल द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में क्षय रोग उन्मूलन को प्राथमिकता देते हुए उपराज्यपाल एवं द्वीप विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने राज निवास में “टीबी मुक्त भारत अभियान” की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तीनों ज़िलों के उपायुक्त—जिनमें उत्तर एवं मध्य अंडमान और निकोबार ज़िले के प्रतिनिधि वर्चुअली जुड़े—सहित स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, राज्य और जिला टीबी अधिकारी तथा आईआरएल के माइक्रोबायोलॉजिस्ट उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राज्य टीबी अधिकारी ने जुलाई 2025 से अब तक अभियान के अंतर्गत की गई गतिविधियों और प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें संदिग्ध टीबी रोगियों की पहचान एवं परीक्षण प्रवृत्तियों, टीबी केस नोटिफिकेशन की स्थिति, रोगी निगरानी तंत्र की मजबूती, ज़िला स्तर पर किए गए प्रमुख हस्तक्षेप, निक्षय मित्रों से प्राप्त सहयोग, IEC अभियानों की प्रभावशीलता और टीबी मुक्त पंचायतों की दिशा में हुई प्रगति का समावेश था।

प्रस्तुति में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले महीनों में आयोजित बैठकों में लिए गए निर्णयों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। नई पहल के रूप में ‘मासिक निक्षय क्लीनिक’ शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य रोगियों को नियमित परामर्श, दवा अनुपालन और स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराना है। निकोबार ज़िले में कुपोषित टीबी रोगियों के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता प्रदान करने की पहल भी महत्वपूर्ण मानी गई, जिससे उपचार सफलता दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 50 टीबी मरीज परिवारों को एक वर्ष तक की सहायता सुनिश्चित की गई है, जो सामाजिक सहभागिता और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सशक्त उदाहरण है। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निक्षय शिविर गतिविधियों को भी विस्तार दिया गया है। बैठक में यह उपलब्धि भी साझा की गई कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह संवेदनशील जनसंख्या की कवरेज के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताई गई। उपराज्यपाल ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और टीबी उन्मूलन से जुड़े सभी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जाए, रणनीतियों को सुदृढ़ किया जाए तथा समुदाय की अधिक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि द्वीपसमूह को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके।

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