LPU में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित

कथित यौन उत्पीड़न की खबरों के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन; पुलिस की भारी तैनाती, SIT ने शुरू की जांच और NH-44 पर यातायात बहाल
LPU में कथित यौन उत्पीड़न की खबरों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हुआ। पुलिस की भारी तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में है, जबकि SIT मामले की जांच कर रही है और विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
LPU में कथित यौन उत्पीड़न की खबरों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हुआ। पुलिस की भारी तैनाती के बीच स्थिति नियंत्रण में है, जबकि SIT मामले की जांच कर रही है और विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
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कथित यौन उत्पीड़न की खबरों के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक; हुआ पुलिस की भारी तैनाती, SIT ने शुरू की जांच

फगवाड़ा, 28 सितंबर 2026: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित यौन उत्पीड़न की खबरों को लेकर शुरू हुआ छात्र प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे-44 को भी काफी समय तक बाधित किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंजाब पुलिस ने विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की।

सोशल मीडिया पर फैली खबर के बाद प्रदर्शन

प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया पर फैली उन खबरों के बाद हुई, जिनमें LPU परिसर में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न का दावा किया गया था। रिपोर्टों में एक बाहरी व्यक्ति पर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में एकत्र हुए और मामले की जांच तथा कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया पर छात्रा की मौत और आत्महत्या से जुड़े दावे भी प्रसारित हुए, लेकिन इन दावों की भी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

रविवार को प्रदर्शन ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। रिपोर्टों के अनुसार, परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ वाहनों में आग लगाई गई। पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।

प्रदर्शन का असर विश्वविद्यालय के बाहर भी दिखाई दिया। छात्रों द्वारा NH-44 को बाधित किए जाने से जालंधर और फगवाड़ा के बीच यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस के अनुसार, हाईवे पर यातायात बाद में बहाल कर दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क पर लगभग 15 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि कथित घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन भी किया गया है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिसर में छात्रावासों से जुड़ी कुछ अफवाहों की जांच की गई और स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को लगातार तैनात रखा गया है।

विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया आधारहीन

LPU प्रशासन ने कथित घटना से संबंधित आरोपों को खारिज किया है। विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी को आधारहीन और गलत बताया है। प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित

स्थिति को देखते हुए LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय ने मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। नई परीक्षा तारीखों की जानकारी बाद में विश्वविद्यालय के UMS के माध्यम से दी जाएगी।

विश्वविद्यालय ने छात्रों को अभिभावकों की सहमति से इस अवधि में अपने घर जाने की अनुमति दी है। जो छात्र परिसर में रहेंगे, उन्हें हॉस्टल या अपने निवास स्थान पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

वर्तमान स्थिति

28 सितंबर 2026 तक, पुलिस के अनुसार LPU परिसर और आसपास की स्थिति नियंत्रण में है। विश्वविद्यालय में सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया। NH-44 पर यातायात बहाल हो चुका है। कुछ छात्र विश्वविद्यालय से अपने घरों के लिए रवाना भी हुए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित दावों की पुष्टि की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां 10 दिनों के लिए स्थगित हैं, जबकि मिड-टर्म परीक्षाओं की नई तारीख की घोषणा अभी बाकी है। प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता परिसर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

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