एलपीजी e-KYC की समय सीमा नजदीक, बढ़ी उपभोक्ताओं की चिंता

ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 16 अगस्त है
एलपीजी e-KYC की समय सीमा नजदीक, बढ़ी उपभोक्ताओं की चिंता
Published on

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन धारकों के लिए 16 अगस्त तक आधार-आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए इन दिनों गैस एजेंसियों और वितरकों के दफ्तरों के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सुबह से लाइनों में घंटों खड़े रहने के कारण आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को भारी शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को अपने जरूरी कामकाज छोड़कर इस काम के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है, जिससे जनजीवन और दिनचर्या पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

e-KYC नहीं कराई तो सब्सिडी होगी बंद

सरकारी तेल कंपनियों के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समय-सीमा के भीतर e-KYC नहीं होने पर ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा, जिसके बाद उन्हें बाजार दरों पर सिलेंडर खरीदना होगा। वर्तमान में कोलकाता में घरेलू सिलेंडर की कीमत 968 रुपये है, जबकि कॉमर्शियल या बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की दरें 3,081.50 रुपये तक हैं। इस प्रकार, जरा सी चूक उपभोक्ताओं को दो हजार रुपये से अधिक के भारी-भरकम अंतर के रूप में चुकानी पड़ सकती है।

ई-केवाईसी में देरी से बढ़ सकती परेशानी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल 2.7 करोड़ घरेलू एलपीजी ग्राहकों में से लगभग 75 से 80 प्रतिशत लोग यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। हालांकि, अब भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता शेष हैं जिनके लिए यह अंतिम मौका है। समय सीमा समाप्त होने से पहले सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि वे बिना देर किए अपनी गैस एजेंसी पर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि भारी आर्थिक हानि और असुविधा से बचा जा सके।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in