

नई दिल्लीः लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस के सदस्यों ने देश में एलपीजी गैस की कथित कमी के मुद्दे पर हंगामा किया जिसके कारण सदन की बैठक शुरू होने के करीब तीन मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर देश में एलपीजी गैस की कथित कमी का मुद्दा उठा रहे थे।
संसद के बाहर भी संसद परिसर में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के साथ ही अन्य पार्टियों के सांसदों ने पोस्टर लेकर एलपीजी मुद्दे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने की बात कहते सुना गया। बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सदन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और आज भी विपक्ष के आठ सांसदों के प्रश्न सूचीबद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में जहां देश के मुद्दे, क्षेत्रों की समस्याएं उठाई जाती हैं, वहीं सरकार की जवाबदेही भी तय होती है।
लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘आप कहते हैं कि बोलने का अवसर नहीं मिलता। जब आपको बात रखने का समय और अवसर दिया जाता है, तब आप बोलना नहीं चाहते, सदन में गतिरोध पैदा करना चाहते हैं जो संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के बाद यदि सदस्य कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उठा सकते हैं।
बिरला ने यह भी कहा, ‘‘एक और आग्रह कर रहा हूं कि संसद के अंदर हो या संसद परिसर में बाहर हो, उसकी पवित्रता, मर्यादा, प्रतिष्ठा बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। जिस तरह का आचरण और व्यवहार आप कर रहे हैं, उससे सदन की पवित्रता को समाप्त कर रहे हैं।’’ जब विपक्ष के सांसदों ने अपने आठ साथियों के निलंबन का मुद्दा उठाया तो अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही कार्रवाई होगी। यह स्पष्ट है।’’ हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने करीब तीन मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।