

कोलकाता : महानगर में लोन दिलाने के नाम पर एक ठेकेदार से 1.05 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। घटना को लेकर उत्तर 24 परगना जिले के बादुरिया थाना क्षेत्र के निवासी 61 वर्षीय पुलक कुमार दे ने सिंथी थाने में शिकायत दर्ज करायी है। पीड़ित वर्तमान में सिंथी इलाके में परिवार सहित निवास करते हैं और कोलकाता नगर निगम में ठेकेदारी का कार्य करते हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, व्यवसाय संबंधी आवश्यकता के कारण पुलक कुमार दे ने फेसबुक के माध्यम से “कोलकाता लोन-हैब (वेबलिंक फाइनांसर एंड यूटिलिटी सर्विस)” नामक एक लोन फाइनेंस कंपनी से संपर्क किया। 25 जनवरी 2026 को दोपहर 3.01 बजे उन्होंने कंपनी के फोन पर बातचीत की। कंपनी की ओर से उन्हें व्यवसाय से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर कार्यालय आने को कहा गया। 2 फरवरी 2026 को पीड़ित अपनी पत्नी के साथ सोदपुर स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां कंपनी के कर्मचारियों ने सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए और दो चेक,एक करंट और एक सेविंग पर हस्ताक्षर करवाकर जमा कर लिए। कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया कि लोन राशि खाते में जमा होने के बाद कमीशन मिलने पर चेक लौटा दिए जाएंगे। इसके बाद 3 और 4 फरवरी को तथाकथित कंपनी के प्रतिनिधियों ने व्यवसाय स्थल और घर पर जाकर सत्यापन के नाम पर फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए और अतिरिक्त चेक भी लिए। 4 फरवरी को ही कंपनी की ओर से व्हाट्सएप पर बैलेंस शीट भेजने को कहा गया। बैलेंस शीट में जनवरी और फरवरी 2026 में लेन-देन न होने का हवाला देते हुए कंपनी ने सिविल स्कोर बढ़ाने के लिए 1 लाख रुपये खाते में जमा कर 2-3 दिन में निकाल लेने की सलाह दी। पीड़ित ने उधार लेकर 4 फरवरी को 1 लाख रुपये अपने करंट अकाउंट में जमा कर दिए। 6 फरवरी 2026 को आरोपितों ने बैंक स्टेटमेंट मंगवाया और कुछ कोड नंबर पर मिस्ड कॉल देने को कहा। इसके तुरंत बाद पीड़ित की पत्नी के करंट खाते से 1 लाख 5 हजार रुपये निकाल लिए गए। बैंक मैनेजर द्वारा सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि एक व्यक्ति आधार कार्ड दिखाकर चेक के माध्यम से रकम निकाल कर ले गया। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।