

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध की आग में एक और भारतीय परिवार उजड़ गया। केरल के कासरगोड जिले के 26 वर्षीय नाविक अखिल जॉयन की यूक्रेन के ओडेसा तट के पास रूसी हमले में मौत हो गई। वह गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Golden Leo पर तैनात थे। इस हमले में कुल चार भारतीय नाविकों की जान गई।
अखिल की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है, क्योंकि सिर्फ दो महीने बाद उनकी शादी होने वाली थी। कुछ महीने पहले ही उनकी सगाई हुई थी और वह एक महीने पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे।
अखिल पिछले छह वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे और बेहतर भविष्य के लिए जल्द ही नौकरी बदलने की योजना बना रहे थे। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता एक इलेक्ट्रिकल दुकान में काम करते हैं, जबकि मां बीमा एजेंट हैं। हाल ही में परिवार ने नया घर भी बनाया था।
स्थानीय वार्ड सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि अखिल इलाके में एक अनुशासित और मिलनसार युवक के रूप में जाने जाते थे। वह रस्साकशी (टग ऑफ वॉर) के लोकप्रिय खिलाड़ी भी थे। परिवार को उनकी मौत की सूचना सोमवार शाम शिपिंग कंपनी की ओर से भेजे गए ईमेल के जरिए मिली।
परिजन अब उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। केरल सरकार ने नोरका (NORKA) विभाग को रूसी वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के कुछ ही समय बाद MV Golden Leo पर रूसी हमला हुआ। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे। हमले में 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार भारतीय और छह सीरियाई नागरिक शामिल हैं। वहीं आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। जहाज यूक्रेन से मक्का (कॉर्न) लेकर रवाना हुआ था।