जादवपुर यूनिवर्सिटी में लेफ्ट कन्वेंशन पर घमासान, बाहरी नेताओं पर विवाद

लेफ्ट कन्वेंशन को लेकर JU में बढ़ा राजनीतिक विवाद
जादवपुर यूनिवर्सिटी में लेफ्ट कन्वेंशन पर घमासान, बाहरी नेताओं पर विवाद
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी में सोमवार को लेफ्ट-समर्थित छात्र संगठनों की ओर से आयोजित कन्वेंशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के बाहर के राजनीतिक नेताओं की कथित मौजूदगी पर ABVP ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से औपचारिक अनुमति ली गई थी। वहीं, आयोजकों ने ABVP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाने का उसे कोई अधिकार नहीं है।

Gen Z कन्वेंशन में कई मुद्दों पर उठी आवाज

‘जेन Z मूवमेंट: यूनिटी ऑफ जेनरेशन एंड रेसिस्टेंस’ नाम से आयोजित यह कन्वेंशन यूनिवर्सिटी के के.पी. बसु मेमोरियल हॉल में हुआ। कार्यक्रम में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को खत्म करने जैसी मांगों पर चर्चा हुई। इसके अलावा वोटर लिस्ट में SIR और प्रस्तावित ISI बिल का भी विरोध किया गया।

कन्वेंशन को AISA की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा, SFI नेता सृजन भट्टाचार्य और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (SRFTI) छात्र संघ की प्रेसिडेंट ब्लॉसम हजारिका ने संबोधित किया। गौरतलब है कि SRFTI में भी हाल में छात्रों और राइट-विंग समूहों के बीच हिंसा को लेकर विवाद सामने आया था।

अनुमति को लेकर रजिस्ट्रार ने उठाए गंभीर सवाल

कार्यक्रम को लेकर विवाद तब और गहरा गया जब जादवपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक रजिस्ट्रार देबजीत दत्ता ने दावा किया कि उनके कार्यालय ने कन्वेंशन के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें रविवार को मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी मिली और कार्यक्रम से संबंधित कोई फाइल या जानकारी उनके कार्यालय तक नहीं पहुंची थी।

दत्ता के अनुसार, उन्होंने इस मामले की जानकारी वाइस-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य को पत्र के जरिए दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुमति पत्र रजिस्ट्रार कार्यालय को दरकिनार करते हुए एक जॉइंट रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से जारी किया गया था।

ABVP ने उठाया बाहरी नेताओं का मुद्दा, SFI का पलटवार

इसके बाद ABVP की जादवपुर यूनिवर्सिटी इकाई ने कैंपस में बाहरी राजनीतिक हस्तियों की कथित मौजूदगी पर आपत्ति जताई। ABVP यूनिट के प्रेसिडेंट निखिल दास ने कहा कि छात्र संगठन अपना कार्यक्रम कर सकते हैं, लेकिन बाहर से राजनीतिक नेताओं को बुलाकर कैंपस में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कानूनी अनुमति जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के संबंधित सर्कुलर और कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि संगठन इस मामले में यूनिवर्सिटी अधिकारियों से जवाब मांगेगा।

दूसरी ओर, SFI के एक पदाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने ABVP के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उसे बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। SFI ने अगस्त के अंतिम सप्ताह की घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कैंपस में प्रवेश करने वाले ABVP से जुड़े कई पदाधिकारी खुद जादवपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं थे। इस तरह कन्वेंशन के बहाने कैंपस में एक बार फिर बाहरी लोगों की मौजूदगी और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नया विवाद सामने आ गया है।

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