राज्य के प्राइमरी स्कूलों में लगेंगे लर्निंग आउटकम पोस्टर

कक्षा 1-2 में लर्निंग पोस्टर लगाना अनिवार्य
राज्य के प्राइमरी स्कूलों में लगेंगे लर्निंग आउटकम पोस्टर
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15 दिनों में पोस्टर लगाने का निर्देश

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन ने राज्य के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्री-प्राइमरी यानी बालवाटिका, कक्षा 1 और कक्षा 2 के हर क्लासरूम में 'लर्निंग आउटकम' यानी सीखने के नतीजों वाले रंग-बिरंगे पोस्टर लगाए जाएंगे। इन पोस्टरों के माध्यम से यह साफ तौर पर प्रदर्शित किया जाएगा कि शैक्षणिक सत्र के अंत तक छात्रों से क्या विशिष्ट कौशल और ज्ञान सीखने की उम्मीद है। सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को इस आदेश को अगले 15 दिनों के भीतर कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया गया है। अभिभावक इन पोस्टरों के जरिए अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर आसानी से पैनी नजर रख सकेंगे। इन पोस्टरों को कक्षाओं के अंदर के अलावा स्कूल के नोटिस बोर्ड, मुख्य प्रवेश द्वार और कार्यालय के पास भी लगाने के निर्देश हैं। इसके साथ ही शिक्षकों को इन पोस्टरों की डिजिटल कॉपी यानी PDF या JPEG फॉर्मेट में अभिभावकों के वॉट्सएप ग्रुप पर भी साझा करनी होगी, ताकि घर बैठे पढ़ाई के स्तर की जानकारी मिलती रहे।

फंडिंग की कमी पर शिक्षकों की चिंता

इस सराहनीय पहल के बीच शिक्षा जगत से जुड़े कुछ हलकों में वित्तीय चुनौतियों को लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं। बंगीय शिक्षक व शिक्षा-कर्मी समिति के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल का कहना है कि अभी तक राज्य के सभी स्कूलों को पर्याप्त फंड या कम्पोजिट ग्रांट नहीं मिल पाई है। स्कूल के अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने के बाद इन पोस्टरों की छपाई का वित्तीय भार उठाना कई संस्थानों के लिए मुश्किल साबित हो सकता है।

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