युवा साथी योजना का आगाज, पहले ही दिन युवाओं का सैलाब

युवा साथी योजना का आगाज, पहले ही दिन युवाओं का सैलाब
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सन्मार्ग संवाददाता 

कोलकाता/अलीपुरदुआर : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया रविवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। पहले ही दिन विभिन्न कैंप में भीड़ उमड़ी। जिलों में यही हाल रहा। अलीपुरदुआर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में प्रशासन की ओर से लगाए गए विशेष शिविरों में युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बेरोज़गार युवक-युवतियां आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ लाइन में खड़े होकर आवेदन पत्र जमा करते नज़र आए। आवेदनकर्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविरों में अलग-अलग काउंटर, सूचना सहायता केंद्र और पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और कम समय में अधिक से अधिक आवेदनों को स्वीकार किया जा सके, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कई शिविरों में स्वयंसेवकों की मदद से फॉर्म भरने में भी सहयोग दिया गया।

क्या कहा युवक-युवतियों ने

शिविर में पहुंचे कई युवक-युवतियों ने बताया कि बेरोज़गारों के लिए राज्य सरकार की यह पहल सराहनीय है। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के दौर में यह सहायता नौकरी की तैयारी, फॉर्म भरने, यात्रा और अन्य जरूरी खर्चों में मददगार साबित होगी। कई आवेदकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक छोटा है लेकिन अहम सहारा मिलेगा। वहीं कई युवाओं ने इसकी विपरीत प्रतिक्रिया दी युवाओं ने कहा कि केवन भत्ता देने से नहीं होगा युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करनी होगी, रोजगार ज्यादा महत्वपूर्ण है।

जिले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

वहीं इस योजना को लेकर अलीपुरदुआर जिले में राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से कटाक्ष करते हुए अलीपुरदुआर के सांसद मनोज टिग्गा ने कहा कि राज्य सरकार बेरोज़गारों को भत्तामुखी बना रही है, लेकिन स्थायी रोज़गार सृजन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उनका दावा है कि इस प्रकार की योजनाओं से युवाओं का दीर्घकालिक भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। इसके जवाब में तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार किया है। पार्टी के अलीपुरदुआर जिला सह-सभापति रंजीत घोष ने कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत क्या है, यह सबके सामने है। उनके मुताबिक, ‘युवासाथी’ योजना के जरिए कम से कम बेरोज़गार युवक-युवतियों को हाथ में कुछ आर्थिक मदद मिल रही है, जो नौकरी के आवेदन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होगी। प्रशासन सूत्रों ने बताया कि आने वाले कई दिनों तक जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में ऐसे आवेदन शिविर जारी रहेंगे। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक योग्य युवक-युवतियों को इस योजना के दायरे में लाया जाए। कुल मिलाकर, इस योजना ने जहां युवाओं के बीच उम्मीद जगाई है, वहीं इसे लेकर सियासी बहस भी तेज़ होती दिख रही है।

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