मतदाता सूची संशोधन के लिए अंतिम तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ी

मतदाता सूची पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी
मतदाता सूची संशोधन के लिए अंतिम तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ी
Munmun
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग ने बारह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—जिनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह भी शामिल है—में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। यह नया कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को जारी पूर्व कार्यक्रम को प्रतिस्थापित करता है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की निर्धारित गणना अवधि 4 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर अब 11 दिसंबर 2025 कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे बूथ स्तर पर वितरित गणना प्रपत्र को अंतिम तिथि से पहले जमा कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो मतदाता समय पर यह प्रपत्र जमा नहीं करेंगे, उनके नाम 16 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जा सकेंगे। मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की तिथि 16 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। इसके बाद दावों और आपत्तियों की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी। इसके बाद सूचना चरण, जिसमें नोटिस जारी करना, सुनवाई और सत्यापन शामिल है, 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अंत में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. कुमार ने बताया कि यह संपूर्ण प्रक्रिया इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि सटीक, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार की जा सके। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं, राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मतदाता अपने प्रपत्र को सीधे बूथ स्तर अधिकारियों को जमा कर सकते हैं या जिला/उप-जिला निर्वाचन कार्यालयों में स्थापित सहायता काउंटर पर जमा करवा सकते हैं। किसी भी कठिनाई या समस्या की स्थिति में मतदाता अपने संबंधित बूथ स्तर अधिकारी से संपर्क करें या हेल्पलाइन नंबर 1950 पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार, निर्वाचन विभाग द्वारा संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, बल्कि सभी योग्य मतदाताओं के नामों को सूची में शामिल कर लोकतंत्र की मजबूत नींव तैयार करना भी है। सभी मतदाताओं को समय पर प्रपत्र जमा करने के लिए जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

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