पुराने अखबारों से सजा कोलकाता का अनोखा पंडाल

73वीं पूजा में बागुईआटी का अनोखा ‘कोलाज’ थीम
पुराने अखबारों से सजा कोलकाता का अनोखा पंडाल
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हजारों किलो पुराने अखबारों से बनेगा दुर्गापूजा पंडाल

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में दुर्गा पूजा का उत्साह हर साल कुछ अलग रंग लेकर आता है। इस बार बागुईआटी रेल पुकुर यूनाइटेड क्लब अपनी 73वीं दुर्गा पूजा के अवसर पर एक बेहद अनूठा और आकर्षक पंडाल तैयार कर रहा है। कलाकार सोमनाथ तामली द्वारा डिजाइन किए गए इस मंडप का थीम ''कोलाज'' रखा गया है, जिसमें हजारों किलोग्राम बेकार हो चुके पुराने अखबारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कलाकृति न केवल देखने में अद्भुत है, बल्कि यह पारंपरिक कहानियों और इतिहास को भी एक नए रूप में प्रस्तुत करती है।

टुकड़ों से बनेगी शक्ति की कहानी

क्लब के सेक्रेटरी स्नेहाशीष देबनाथ के अनुसार, यह थीम देवी दुर्गा के जन्म की उस पौराणिक कथा से प्रेरित है, जिसमें सभी देवताओं ने अपनी दिव्य ऊर्जा और हथियारों का योगदान देकर उनका शक्तिशाली रूप गढ़ा था। ठीक इसी प्रकार, यह पंडाल अलग-अलग टुकड़ों के एक साथ आकर एक बड़ी और मजबूत ताकत बनने का संदेश देता है। इसके अलावा, यह इंस्टॉलेशन बंगाल और भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों, विचारकों और सांस्कृतिक दिग्गजों जैसे रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सत्यजीत रे, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, स्वामी विवेकानंद और मातंगिनी हाजरा को भी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

पंडाल में दिखेगी अखबारों की पुरानी दुनिया

इस भव्य पंडाल में अखबारों के परिवहन और साइकिल से घर-घर वितरण के पुराने दृश्यों को भी खूबसूरती से उकेरा गया है, जो पुरानी पत्रकारिता की संस्कृति की याद दिलाते हैं। आयोजकों का उद्देश्य रिसाइकल किए गए अखबारों के माध्यम से आज के दौर में प्रिंट मीडिया से डिजिटल मीडिया की तरफ हो रहे बदलाव और समाचार पढ़ने की लुप्त होती आदतों पर रोशनी डालना है। यह कलाकृति यह अहसास कराती है कि कैसे एक समय में अखबार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा हुआ करते थे।

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