कोलकाता में यातायात संकट: बसों की किल्लत के बीच ऐप कैब ने भी छुड़ाए पसीने

Kolkata Transport Crisis: App Cab Cancellations and Surge Pricing Trouble Commuters.
सांकेतिक फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: महानगर में इन दिनों आम जनजीवन परिवहन की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। चुनाव के कारण बड़ी संख्या में सार्वजनिक बसों को चुनावी ड्यूटी में लगाए जाने से सड़कों पर बसों का अकाल पड़ा हुआ है। इस स्थिति में यात्रियों को उम्मीद थी कि ऐप कैब (Ola/Uber) सहारा बनेंगी, लेकिन वहां भी बुकिंग कैंसल होने और मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों ने यात्रियों की कमर तोड़ दी है।

दोगुना किराया और बुकिंग कैंसल होने से यात्री परेशान

कार्यालयों और कॉलेजों जाने वाले यात्रियों का आरोप है कि ऐप कैब और बाइक सेवाएं न केवल सामान्य से दोगुना किराया दिखा रही हैं, बल्कि बुकिंग स्वीकार करने के बाद उसे बार-बार कैंसल भी किया जा रहा है। खासकर रात के समय ड्यूटी से घर लौटने वाली महिला यात्रियों को भारी असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में ड्राइवर्स ऐप पर दिख रहे किराए के अलावा अतिरिक्त रुपयों की मांग कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि हावड़ा से बाईपास जैसे रूटों पर रात के समय कोई भी सवारी मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है।

चुनाव ड्यूटी और ड्राइवरों की कमी बनी मुख्य बाधा

परिवहन संकट पर 'वेस्ट बंगाल ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड' के इंद्रनील बनर्जी ने स्पष्ट किया कि करीब 50% कैब गाड़ियों को चुनाव कार्यों में लगाया गया था, जिनमें से 20% अभी भी वापस नहीं लौटी हैं। इसके अलावा, कई ड्राइवर और कर्मी चुनाव व सत्ता परिवर्तन के चलते अपने काम पर नहीं लौटे हैं। गिल्ड ने आश्वासन दिया है कि नई सरकार के गठन के साथ ही सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। साथ ही, संगठन ने मांग की है कि नई सरकार ऐप कैब सेवा के लिए एक ठोस 'फेयर पॉलिसी' लाए, ताकि ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के हितों की रक्षा हो सके।

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