

तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई की राजकीय अंतिम यात्रा 4 जुलाई से शुरू होगी और 9 जुलाई को पवित्र शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम यात्रा ईरान और इराक के पांच प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक शहरों से होकर गुजरेगी, जिनका शिया समुदाय में विशेष महत्व है।
राजधानी तेहरान, कोम, इराक के कर्बला और नजफ तथा ईरान के मशहद को अंतिम यात्रा के लिए चुना गया है। इन शहरों का चयन ईरान के धार्मिक, राजनीतिक और वैचारिक महत्व को ध्यान में रखकर किया गया है।
4 और 5 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा जाएगा। इसके बाद राजधानी की प्रमुख सड़कों से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा देश के राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र से अंतिम विदाई का प्रतीक मानी जा रही है।
इसके बाद पार्थिव शरीर को शिया शिक्षा के प्रमुख केंद्र कोम ले जाया जाएगा, जहां वरिष्ठ धर्मगुरु और धार्मिक छात्र उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
अंतिम यात्रा ईरान की सीमाओं से बाहर इराक भी पहुंचेगी। सबसे पहले कर्बला में श्रद्धांजलि कार्यक्रम होगा, जहां तीसरे शिया इमाम हुसैन की दरगाह स्थित है। इसके बाद नजफ में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां पहले शिया इमाम हजरत अली का पवित्र रौजा है। इसे पूरी शिया दुनिया के लिए प्रतीकात्मक महत्व का कदम माना जा रहा है।
9 जुलाई को अंतिम संस्कार का समापन ईरान के पवित्र शहर मशहद में होगा। यहीं इमाम रजा की दरगाह स्थित है और इसी शहर में अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म हुआ था। उन्हें इसी पवित्र परिसर के निकट सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।