कर्नाटक को मिला नया नेतृत्व, डीके शिवकुमार बने 24वें मुख्यमंत्री

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के साथ कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन का पुराना फार्मूला लागू किया, सिद्धारमैया युग के बाद डीके शिवकुमार के हाथों में बागडोर, नई कैबिनेट में युवा चेहरों और खड़गे परिवार को भी मिली अहम जिम्मेदारी
डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
भाजपा नेता और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा से मिलने उनके घर पहुंचे डीके शिवकुमार
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कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शिवकुमार ने कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके साथ जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि 12 अन्य नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। नए मंत्रियों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी शामिल है।

सिद्धारमैया युग का अंत, शिवकुमार के हाथों में कमान

करीब तीन वर्षों तक मुख्यमंत्री रहने के बाद सिद्धारमैया ने मई के अंत में पद छोड़ दिया। अब राज्य की बागडोर डीके शिवकुमार के हाथों में है। कांग्रेस के भीतर लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा चल रही थी और अंततः पार्टी ने सत्ता हस्तांतरण का फैसला लागू कर दिया।

राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी हिस्सा लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई राज्यों के वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह के साक्षी बने। नई कैबिनेट में मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे को भी जगह दी गई है। माना जा रहा है कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जा सकता है।

कारोबारी पृष्ठभूमि और राजनीतिक प्रभाव

डीके शिवकुमार देश के सबसे संपन्न राजनीतिक नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी घोषित संपत्ति हजार करोड़ रुपये से अधिक है। रियल एस्टेट, होटल और खनन कारोबार से जुड़े शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। कनकपुरा क्षेत्र से विधायक शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख नेताओं में माने जाते हैं। कांग्रेस संगठन में उनकी छवि ऐसे रणनीतिकार की रही है जो राजनीतिक संकट के समय पार्टी को एकजुट रखने और चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं।

कानूनी विवादों से भी रहा नाता

राजनीतिक जीवन के दौरान शिवकुमार कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच चल चुकी है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भी उनसे जुड़े मामलों की पड़ताल की गई है। वर्ष 2019 में उन्हें एक मामले में गिरफ्तारी के बाद कुछ समय जेल में भी बिताना पड़ा था। हालांकि वे लगातार इन मामलों में अपनी बेगुनाही का दावा करते रहे हैं।

सत्ता परिवर्तन के पीछे पुराना समझौता

2023 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों प्रमुख दावेदार थे। उस समय पार्टी नेतृत्व ने संतुलन बनाने के लिए नेतृत्व परिवर्तन का फार्मूला तैयार किया था। राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी व्यस्तताओं के कारण यह बदलाव तय समय पर नहीं हो सका, लेकिन अब पार्टी ने नेतृत्व ने परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही कांग्रेस को उम्मीद है कि राज्य में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नई ऊर्जा मिलेगी। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई सरकार अपने प्रशासनिक और राजनीतिक एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाती है।

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