निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कांकीनाड़ा : सियालदह मेन सेक्शन पर कांकीनाड़ा स्टेशन के पास ट्रेन के बेपटरी होकर पलटने की तस्वीरों ने एक पल के लिए सभी को झकझोर कर रख दिया। हालांकि, यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि रेलवे प्रशासन द्वारा आयोजित एक पूर्वनियोजित मॉक ड्रिल (प्रतीकात्मक अभ्यास) थी। आपातकालीन स्थितियों में बचाव तंत्र की तत्परता और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को परखने के लिए रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में इस मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
अभ्यास के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP), दमकल विभाग, भारतीय सेना और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कृत्रिम रूप से बनाए गए हादसे के परिदृश्य में राहत और बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिससे यह मूल्यांकन किया जा सके कि किसी वास्तविक दुर्घटना के समय पीड़ित यात्रियों तक कितनी तेजी से सहायता पहुंचाई जा सकती है।
रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यासों से आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (रेस्पॉन्स टाइम) में सुधार होता है और सभी सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय मजबूत बनता है।