निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कमरहट्टी : केंद्र सरकार द्वारा सरकारी विभागों की खरीदारी के लिए बनाए गए 'जैम पोर्टल' (GeM Portal) की विश्वसनीयता पर अब सवाल उठने लगे हैं। उत्तर 24 परगना की कमरहट्टी नगर पालिका ने जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदे गए सामानों की खराब गुणवत्ता और नकली उत्पादों से तंग आकर अब राज्य सरकार के ई-टेंडर पोर्टल के जरिए खरीदारी करने का निर्णय लिया है।
नगर पालिका सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जैम पोर्टल के जरिए घास काटने की मशीनें और कई कंप्यूटर ऑर्डर किए गए थे। आरोप है कि सामान न केवल देरी से पहुंचा, बल्कि एक महीने के भीतर ही कंप्यूटर मॉनीटर खराब होने लगे। जब इन्हें सर्विस सेंटर ले जाया गया, तो पता चला कि ब्रांड का नाम तो असली था, लेकिन अंदरूनी पार्ट्स नकली (Assembled) थे। यही हाल घास काटने वाली मशीनों का भी रहा।
नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी ने राज्य के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है। पत्र में कहा गया है कि जैम पोर्टल के अधिकांश विक्रेता राज्य के बाहर के हैं, जिससे डिलीवरी में देरी होती है। साथ ही, पैसे खर्च करने के बावजूद सही सामान नहीं मिल रहा है, जिससे नागरिक सेवाएं बाधित हो रही हैं।
कमरहट्टी नगर पालिका के चेयरमैन गोपाल साहा ने कहा, "केंद्र के जैम पोर्टल से सामान खरीदकर हमें बार-बार धोखा मिल रहा है। इसलिए हमने बोर्ड मीटिंग में चर्चा के बाद राज्य के ई-टेंडर पोर्टल का उपयोग करने का फैसला किया है। इससे न केवल गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि हमारे राज्य के स्थानीय व्यापारियों को भी बढ़ावा मिलेगा।"