

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया/कोलकाता : पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से अपराध की एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां कानून के रक्षकों का मुखौटा पहनकर अपराधियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। कल्याणी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन शातिर बदमाशों को दबोच लिया है, जिन्होंने 'फर्जी पुलिस' बनकर एक निर्दोष युवक को अपना शिकार बनाया था। यह मामला कल्याणी थाना क्षेत्र का है, जहां हलिशहर के रहने वाले एक युवक के साथ सरेराह लूटपाट की गई। पीड़ित युवक जब कल्याणी से गुजर रहा था, तभी दो युवकों ने उसे रास्ते में रोका। उन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और युवक पर रौब झाड़ते हुए उससे पूछताछ शुरू कर दी। इससे पहले कि युवक कुछ समझ पाता या उनकी पहचान की पुष्टि कर पाता, उन बदमाशों ने उसे डराना-धमाना शुरू कर दिया।
बेरहमी से पिटाई और लूटपाट
आरोप है कि इन फर्जी पुलिसकर्मियों ने युवक को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि उसकी बेधड़क पिटाई भी की। मारपीट के दौरान बदमाशों ने युवक के पास मौजूद नकद पैसे, उसकी सोने की चेन और अंगूठी जबरन छीन ली। पीड़ित युवक लहूलुहान और असहाय स्थिति में सड़क पर पड़ा रहा, जबकि दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत कल्याणी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। आखिरकार, कल्याणी थाने की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन दोनों छिनतईबाजों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच और कानूनी प्रक्रिया
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन बदमाशों ने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छीने गए सोने के आभूषण उन्होंने कहां बेचे या छिपाए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, हालांकि पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस बताने पर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।