कालबैशाखी का अलर्ट: बंगाल-ओडिशा में तेज तूफान और बारिश का खतरा

अप्रैल-मई में कहर बरपाने वाला प्री-मानसून तूफान, IMD की चेतावनी—तेज हवाएं, ओले और बिजली गिरने की आशंका
कालबैशाखी का अलर्ट: बंगाल-ओडिशा में तेज तूफान और बारिश का खतरा
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West Bengal, Odisha और Bangladesh में एक बार फिर कालबैशाखी तूफान का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने प्री-मानसून के इस खतरनाक मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे आने वाले दिनों में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।

क्या है कालबैशाखी?

कालबैशाखी, जिसे ‘नॉरवेस्टर’ भी कहा जाता है, अप्रैल-मई के दौरान आने वाला एक तेज आंधी-तूफान है। यह बंगाली महीने ‘बैसाख’ में आता है, इसलिए इसे कालबैशाखी नाम दिया गया है।

यह तूफान तेज हवाओं, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के साथ आता है। जहां एक तरफ यह गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी तरफ फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाता है।

कैसे बनता है यह तूफान?

यह मौसमीय घटना तब बनती है जब छोटा नागपुर पठार की गर्म और सूखी हवाएं बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाओं से टकराती हैं। इसके चलते तेज गरज-चमक के साथ तूफान तैयार होता है।

IMD का अलर्ट

India Meteorological Department के अनुसार, कुछ इलाकों में सिर्फ 3 घंटे में 50 मिमी तक बारिश हो सकती है, जबकि पूरे दिन में यह आंकड़ा 100 मिमी तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने तेज हवाएं, ओले और लगातार बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है।

क्या हो सकता है असर?

  • पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं

  • फसलों, खासकर आम की खेती को नुकसान

  • शहरी इलाकों में जलभराव

  • पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा

गर्मी से मिलेगी राहत

हालांकि इस तूफान के कारण उत्तर और मध्य भारत में चल रही भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर, कालबैशाखी जहां राहत लेकर आता है, वहीं यह अपने साथ भारी तबाही का खतरा भी लाता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

बंगाल में कैसा रहेगा मौसम

सोमवार के बाद, मंगलवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। सोमवार शाम से ही कोलकाता और उसके साथ-साथ पूरे दक्षिण बंगाल में रुक-रुककर बारिश हो रही है। अलीपुर मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि यह बारिश मंगलवार को भी जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर को हुई आंधी और बारिश के बाद तापमान में काफी गिरावट आई है। नतीजतन, उमस भरी गर्मी से होने वाली बेचैनी अब कम हो गई है। इसके अलावा, मंगलवार सुबह दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने से, आज भी हवा में ठंडक और सुहावनापन बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, संकेत मिल रहे हैं कि अगले 24 घंटों में कोलकाता के मौसम में बड़ा बदलाव आ सकता है। आसमान ज़्यादातर बादलों से घिरा रहने की उम्मीद है, और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में 'काल बैसाखी' (नॉर-वेस्टर) तूफानों का कहर देखने को मिल सकता है। भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

उत्तर बंगाल में, मालदा जिले पर काल बैसाखी तूफानों का असर पड़ सकता है। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इस क्षेत्र के सभी जिलों में, गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से, दार्जिलिंग से लेकर मालदा तक के सभी जिलों में गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

आगे के पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों में एक बार फिर तूफानों और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। विशेष रूप से झाड़ग्राम, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, पूर्वी बर्दवान, बीरभूम, नदिया और उत्तर 24 परगना के ज़्यादातर इलाकों में आज बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

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