सरकार ने आईएमएफ के ईडी सुब्रमण्यन की सेवाएं छह महीने पहले समाप्त कीं

हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बतायी गयी
 k_v _subramanian
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नयी दिल्ली : सरकार ने एक अप्रत्याशित कदम के तहत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में कार्यकारी निदेशक (ईडी) के वी सुब्रमण्यन की सेवाएं उनका तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले समाप्त कर दी हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए वित्तीय सहायता पर विचार करने वाला है। पिछले महीने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत कूटनीतिक और विभिन्न वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को घेरने का प्रयास कर रहा है।

जल्द होगी नयी नियुक्ति

सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 30 अप्रैल, 2025 से सुब्रमण्यन की सेवाओं को समाप्त कर दिया है हालांकि सुब्रमण्यन को हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बतायी गयी है। सूत्रों ने बताया कि सरकार जल्द ही उनके स्थान पर किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करेगी जिसे आईएमएफ बोर्ड में कार्यकारी निदेशक के रूप में नामित किया जायेगा। सूत्रों के अनुसार सुब्रमण्यन ने आईएमएफ के डेटासेट के बारे में सवाल उठाये हैं, जिसे बहुपक्षीय एजेंसी ने अच्छा नहीं माना था।

आईएमएफ भी रहा नाखुश

अतीत में भी आईएमएफ सुब्रमण्यन द्वारा दिए गए कुछ बयानों से नाखुश रहा है, खासकर भारत की ऋण स्थिति के बारे में। सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा उनकी नयी ‘किताब इंडिया @100: एनविज़निंग टुमॉरोज़ इकनॉमिक पावरहाउस’ के प्रचार और प्रसार को लेकर ‘कथित अनियमितता’ पर चिंता व्यक्त की गयी थी। सुब्रमण्यन को एक नवंबर, 2022 से तीन साल की अवधि के लिए आईएमएफ में कार्यकारी निदेशक (भारत) के रूप में नियुक्त किया गया था। इससे पहले उन्होंने सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया था।

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