बारासात में चलती ट्रेन के सामने लगाई छलांग

माँ की डांट से आहत किशोरी ने की आत्महत्या
Jumped in front of a moving train in Barasat
सांकेतिक फोटो barasat
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नि​​धि सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : उत्तर 24 परगना जिले के बारासात-हसनाबाद रेलखंड पर एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक किशोरी ने कथित तौर पर अपनी माँ की डांट से आहत होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना करया-कदमगाछी स्टेशन के पास हुई।

मृतका की पहचान साहेना परवीन के रूप में हुई है, जो शासन के दादपुर पंचायत के मानिकहीरा गांव की रहने वाली थी। साहेना अपने माता-पिता के साथ रहती थी और एक सामान्य किशोरी की तरह अपनी पढ़ाई-लिखाई में व्यस्त थी।

पढ़ने जाने को लेकर हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह साहेना को अपने गृह शिक्षक (ट्यूशन टीचर) के पास पढ़ने जाना था। लेकिन किसी कारणवश वह पढ़ने जाने के लिए अनिच्छुक थी। इसी बात को लेकर घर में उसकी माँ के साथ तीखी बहस हो गई। परिवार सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, माँ ने अपनी बेटी को पढ़ाई को लेकर जोरदार फटकार लगाई थी।

आरोप है कि माँ की यह डांट और फटकार किशोरी को इतनी बुरी लगी कि वह इसे सहन नहीं कर पाई। अत्यधिक गुस्से और भावनात्मक आघात में आकर, साहेना घर से बाहर निकल गई और उसने एक ऐसा चरम कदम उठाने का फैसला किया, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।

चलती ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या

सोमवार की दोपहर करीब 10 बजे, साहेना परवीन बारासात-हसनाबाद रेलखंड पर स्थित दादपुर रेलगेट और करया कदमगाछी स्टेशन के बीच रेल की पटरियों के पास पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने सामने से आ रही तेज रफ्तार चलती ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया।

इस भयानक दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में भय और शोक का माहौल पसर गया। तुरंत रेलवे पुलिस (GRP) और उसके परिवार को सूचना दी गई। मौके पर पहुँचे माँ-बाप अपनी बेटी के क्षत-विक्षत शव को देखकर फूट-फूट कर रोने लगे।

बारासात GRP ने साहेना के शव को बरामद कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है। GRP यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कदम केवल माँ के प्रति गुस्सा या 'रूठने' का परिणाम था, या फिर इसके पीछे कोई अन्य गंभीर कारण मौजूद था। इस मार्मिक घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया है।

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