गुवाहाटी/सिंगापुर : ‘...या अली’ और ‘जाने क्या चाहे मन बावरा...’ जैसे प्रसिद्ध बॉलीवुड गानों को अपनी आवाज़ देने वाले और युवा दिलों की धड़कन जुबिन गर्ग की शुक्रवार को सिंगापुर में ‘स्कूबा डाइविंग’ के दौरान मौत हो गयी।
‘स्कूबा डाइविंग’ के दौरान गर्ग को चोटें आयीं
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश सिंगापुर में एक महोत्सव के आयोजकों ने यह जानकारी दी। वे 52 वर्ष के थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी हैं। ‘स्कूबा डाइविंग’ के दौरान गर्ग को चोटें आयीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। ‘स्कूबा डाइविंग’ पानी के अंदर एक प्रकार की गतिविधि है, जिसमें लोग विशेष उपकरणों की मदद से सांस लेते हुए समुद्र या किसी गहरे जल स्रोत में गोता लगाते हैं और तैरते हैं। ‘नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल’ के आयोजकों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि ‘स्कूबा डाइविंग’ करते समय उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और उन्हें तुरंत सीपीआर दिया गया और इसके बाद उन्हें सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बचाने के तमाम प्रयासों के बावजूद अपराह्न लगभग दो बजकर 30 मिनट पर आईसीयू में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुबिन गर्ग की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा - लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। उन्हें संगीत में उनके समृद्ध योगदान के लिए याद किया जायेगा। उनकी प्रस्तुतियां सभी वर्गों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय थीं।
पार्थिव शरीर भारत लाने के प्रयास
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने कहा कि उन्हें विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से यह समाचार मिला। यह बहुत दुखद समाचार है और राज्य तथा राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है। सरमा ने कहा कि उन्होंने सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पाक अंबुले से बात की है ताकि गायक जुबिन गर्ग के पार्थिव शरीर को राज्य में लाया जा सके। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष एवं लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने गर्ग के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें ‘हर असमिया का गौरव’ बताया।