JU को मिली ग्रीन हाइड्रोजन हब की बड़ी सौगात

JU समेत 4 संस्थानों के सहयोग से शुरू होगा ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट
JU को मिली ग्रीन हाइड्रोजन हब की बड़ी सौगात
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टेक्नोलॉजी भवन में कल होगा CoE का उद्घाटन

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) के अनुसंधान और विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने ग्रीन हाइड्रोजन में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक ''सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'' (CoE) बनाने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए जादवपुर यूनिवर्सिटी ने दामोदर वैली कॉरपोरेशन, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के साथ मिलकर एक मजबूत प्रस्ताव भेजा था। मंत्रालय द्वारा देश भर से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए चुनिंदा चार प्रस्तावों में इस गौरवशाली प्रोजेक्ट को भी शामिल किया गया है, जो देश के तकनीकी विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

कल होगा शानदार सेंटर का उद्घाटन

इस नए ''सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'' का मुख्य उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अनुसंधान को तीव्र गति देना और ''नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन'' के व्यापक लक्ष्यों को पूरा करना है। यह मिशन भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के मामले में एक वैश्विक हब बनाने के साथ-साथ आयातित ऊर्जा पर हमारी निर्भरता को कम करने में बड़ी मदद करेगा। इस बहुप्रतीक्षित CoE का भव्य उद्घाटन कल यानी बुधवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस के टेक्नोलॉजी भवन में संपन्न होगा। इस गरिमामयी अवसर पर दामोदर वैली कॉरपोरेशन के चेयरमैन और यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वर्तमान समय में केंद्र सरकार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर उभरते हुए ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में स्वदेशी तकनीकों और क्षमताओं को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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