जेयू में शिक्षकों के प्रमोशन पर 6 अगस्त को फैसला

यूजीसी नियमों से बढ़ा प्रमोशन असमंजस
जेयू में शिक्षकों के प्रमोशन पर 6 अगस्त को फैसला
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के प्रमोशन से जुड़े गतिरोध को समाप्त करने के लिए आगामी 6 अगस्त को शाम 4 बजे एग्जीक्यूटिव काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के संयुक्त सचिव अजारजिया को यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि के रूप में नामित किए जाने के तुरंत बाद उठाया गया है। यूनिवर्सिटी में इस उच्च निकाय की पिछली बैठक गत 4 अप्रैल को आयोजित हुई थी।

मुख्य एजेंडा और प्रमोशन संबंधी असमंजस

बैठक का एकमात्र और मुख्य एजेंडा शिक्षकों के रुके हुए प्रमोशन के मुद्दे पर विचार-विमर्श करना है। राज्य सरकार ने गत 15 जुलाई को यूजीसी के नियमों के आलोक में प्रमोशन को लेकर एक नया नोटिफिकेशन जारी किया था। नई गाइडलाइंस के अनुसार ये नियम पूरे राज्य में 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी होंगे। इस नई समय-सीमा को लेकर शैक्षणिक जगत में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों के एक वर्ग का तर्क है कि 1 जनवरी, 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई शिक्षकों को पुराने नियमों के तहत प्रमोशन मिल चुके हैं। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि इस अंतराल में प्रमोट हुए शिक्षकों का भविष्य क्या होगा, क्या उनके प्रमोशन रद्द होंगे और उनकी बढ़ी हुई सैलरी का समायोजन कैसे किया जाएगा।

समाधान की दिशा में कदम

यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत सरकारी निर्देशों को लागू करने का अंतिम अधिकार इसी सर्वोच्च समिति के पास है। शैक्षणिक समुदाय को उम्मीद है कि आगामी 6 अगस्त की बैठक में इन जटिल सवालों के ठोस और व्यावहारिक समाधान निकलेंगे, जिससे यूनिवर्सिटी में चल रहे गतिरोध का अंत हो सकेगा।

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