ओडिशा ओपन में जे.एस. विराट का शानदार प्रदर्शन, सातवां स्थान हासिल

ओडिशा ओपन में जे.एस. विराट का शानदार प्रदर्शन, सातवां स्थान हासिल
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सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम :
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उभरते हुए शतरंज खिलाड़ी जे.एस. विराट ने 16वें ओडिशा ओपन शतरंज प्रतियोगिता (अंडर 1700 वर्ग) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सातवां स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता 21 से 24 जनवरी 2026 तक भुवनेश्वर स्थित एसओए यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई थी। विराट ने पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए एक भी मुकाबला नहीं हारा। विराट ने नौ राउंड में कुल 7.5 अंक अर्जित किए। अंतिम दौर में उन्होंने प्रतिष्ठित बोर्ड नंबर-1 पर खेलते हुए कड़ा मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त किया। यह दर्शाता है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी मानसिक दृढ़ता और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि दूसरे स्थान के लिए आठ खिलाड़ियों के बीच बराबरी रही, सभी के 7.5 अंक थे, लेकिन टाई-ब्रेक स्कोर कम होने के कारण विराट सातवें स्थान पर रहे। इसके बावजूद उनका यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। विराट की इस उपलब्धि ने अंडमान-निकोबार के शतरंज समुदाय में गर्व का माहौल पैदा किया है। स्थानीय शतरंज संघ ने उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की कामना की। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि अंडमान एवं निकोबार के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और उत्कृष्ट परिणाम ला सकते हैं।

टूर्नामेंट में विराट की रणनीति, समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन की सराहना की गई। उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार दिखाया और कई उच्च स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ प्रभावशाली खेल पेश किया। उनकी मेहनत, अनुशासन और अभ्यास का परिणाम इस प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अंडमान-निकोबार के लिए यह उपलब्धि सिर्फ विराट के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के शतरंज प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। स्थानीय शतरंज संघ ने भी कहा कि इस प्रकार के प्रदर्शन से द्वीपसमूह में शतरंज के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ेगा।विराट की यह उपलब्धि भविष्य में उन्हें और उच्च वर्गों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी प्रेरित करेगी। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास से बड़ी प्रतियोगिताओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

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