

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गुरुवार को कोलकाता स्थित सॉल्टलेक के भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने पश्चिम बंगाल के सभी संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों के साथ अहम बैठक की।
बूथ स्तर पर मजबूती अनिवार्य
बैठक में नड्डा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। हर कार्यकर्ता को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया।
43 जिलों को मिलेंगे बाहरी प्रभारी
भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए राज्य के 43 संगठनात्मक जिलों की जिम्मेदारी 43 बाहरी राज्यों के नेताओं को सौंपने का निर्णय लिया है। इनमें अन्य राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
अन्य राज्यों के अनुभव का होगा उपयोग
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा शासित राज्यों में विपक्ष को परास्त करने का अनुभव रखने वाले नेताओं की रणनीति को बंगाल में लागू किया जाएगा, ताकि संगठन को और अधिक धार दी जा सके।
2026 चुनाव पर फोकस
2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल के साथ भूपेंद्र यादव और बिप्लब देब को भी पश्चिम बंगाल में सक्रिय भूमिका सौंपी गई है।
राज्य नेतृत्व पर निर्भरता कम करने की रणनीति
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि केवल राज्य नेतृत्व पर निर्भर न रहते हुए केंद्रीय और बाहरी राज्यों के नेताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर चुनावी प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।
‘परिवर्तन के लिए पूरी ताक़त झोंकेगी भाजपा’
नड्डा ने जिला अध्यक्षों से कहा कि राज्य में परिवर्तन लाने के लिए पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और संगठन के हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।