

रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को नए दौर की बातचीत हुई। बातचीत का यह छठा दौर रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में हो रहा है। छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी है और छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
वामपंथ समर्थित छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी वार्ता में हिस्सा ले रहा है। एक छात्र नेता ने कहा, ‘‘हमें 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सुधार की हमारी मांगों पर सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है।’’
आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख छात्र संगठन ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ की मुख्य मांगों में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, सभी परीक्षाओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांगें शामिल हैं। छात्र वित्त विभाग के अनुभाग अधिकारी और कथित अनियमितताओं का खुलासा करने वाले संतोष कुमार मस्ताना का निलंबन रद्द करने तथा उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं।
झारखंड अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने सितंबर 2024 में हुई जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर कथित तौर पर ‘‘फर्जी विमर्श’’ का प्रसार करने के मामले में मस्ताना को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था। झारखंड उच्च न्यायालय ने इस साल उन्हें नियमित जमानत दे दी थी।
सरकार और छात्र संगठनों के बीच शुक्रवार रात और शनिवार को हुई कई बैठकों में गतिरोध दूर नहीं होने के बाद एक और दौर की बातचीत करने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के साथ शुक्रवार रात बातचीत की थी।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव की सरकारी समिति ने कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), जेसीएम और आदिवासी छात्र संघ (एसीएस) समेत विभिन्न छात्र संगठनों के साथ शनिवार को अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे अपनी मांगों की सूची देने को कहा।