मानसून में जेशोर रोड पर फिर बढ़ा हादसों का खौफ

Danger of Old Trees on Jessore Road: Traffic Police Issue Alert
फाइल फोटो REP
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : मानसून का मौसम शुरू होते ही उत्तर 24 परगना जिले के ऐतिहासिक जेशोर रोड पर स्थित सौ साल से भी अधिक पुराने, सूखे और खतरनाक पेड़ों को लेकर स्थानीय निवासियों में डर का माहौल व्याप्त है। लगातार हो रहे हादसों के बाद प्रशासन और गायघाटा थाना ट्रैफिक पुलिस ने पेट्रापोल से कुलपुकुर तक के इलाकों में लाउडस्पीकर (माईकिंग) के जरिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।

सुखे और खतरनाक पेड़ों को लेकर ट्रैफिक पुलिस का अलर्ट

प्रशासन ने ऑटो चालकों को खतरनाक पेड़ों के नीचे गाड़ियां न रोकने और यात्रियों को वहां न उतारने की सलाह दी है। हाल ही में सिकदरपल्ली इलाके में पेड़ की शाखा गिरने से एक युवक की जान चली गई थी, जबकि कालूपुर में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उल्लेखनीय है कि जेशोर रोड के चौड़ीकरण के लिए बारासात से बनगांव तक 305 प्राचीन पेड़ों को काटने का फैसला किया गया था, लेकिन पर्यावरणविदों की आपत्ति के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने 1500 नए पौधे लगाने की शर्त पर अनुमति तो दी, लेकिन कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते कई सूखे और मृत पेड़ अब भी जेशोर रोड पर हादसों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले इन पेड़ों की सूखी और खतरनाक टहनियों को तुरंत काटा जाए।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in