

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने के प्रस्ताव को लेकर बुधवार को विधानसभा में विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (ऋतब्रत गुट) के भीतर से ही सवाल उठे। विधायक जावेद खान और पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने डिलिमिटेशन की प्रक्रिया, आधार और समय को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। दोनों नेताओं के सवालों से प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गयी।
जावेद खान ने 2011 की जनगणना और वर्तमान में चल रही नयी जनगणना का हवाला देते हुए पूछा कि नये आंकड़े आने से पहले वार्डों की संख्या बढ़ाने की इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या में बदलाव को वार्ड बढ़ाने का आधार माना जा रहा है तो नयी जनगणना के आंकड़ों का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जल्दबाजी के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है।
वहीं, फिरहाद हकीम ने वार्डों की संख्या बढ़ाने के फैसले का नीतिगत समर्थन किया, लेकिन डिलिमिटेशन के आधार पर सवाल उठाया। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या सार्वजनिक की जाए। उनके मुताबिक, आंकड़े सामने आये बिना नये सीमांकन की तार्किकता स्पष्ट नहीं होगी।
फिरहाद ने डिलिमिटेशन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाकर वार्डों का पुनर्गठन या उन्हें एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरी प्रक्रिया में स्पष्ट मानदंड अपनाने की मांग की।