जयशंकर की बड़ी चेतावनी, बोले- समुद्री व्यापार सुरक्षित रखना दुनिया की प्राथमिकता

ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर जताई चिंता; कहा- आर्थिक जोखिम से बचने के लिए सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाना होगा
जयशंकर की बड़ी चेतावनी, बोले- समुद्री व्यापार सुरक्षित रखना दुनिया की प्राथमिकता
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सोफिया: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री व्यापार की सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में विविधता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेत्रोवा-चमोवा के साथ बातचीत के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए यह बेहद जरूरी कदम है।

जयशंकर ने कहा कि समुद्री व्यापार में किसी भी तरह की रुकावट या खतरा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा, "यह बेहद महत्वपूर्ण है कि समुद्री व्यापार निर्बाध और सुरक्षित बना रहे। भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ की ओर से ऊर्जा, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर लगातार चिंता जताई है।"

सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर

विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक जोखिमों का सबसे प्रभावी समाधान मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखला है। उनके अनुसार, देशों को किसी एक क्षेत्र या मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक स्रोत और व्यापारिक मार्ग विकसित करने चाहिए।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। हाल के दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़े कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

भारत-बुल्गारिया संबंधों को नई दिशा देने पर जोर

जयशंकर ने कहा कि भारत और बुल्गारिया के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, लेकिन अब इन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप और अधिक गतिशील बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई वैश्विक मुद्दों पर समान सोच है और सहयोग के नए अवसर मौजूद हैं।

भारत में निवेश और सहयोग के नए अवसर

आर्थिक मोर्चे पर जयशंकर ने भारत की तेज विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की 7-8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर वैश्विक निवेशकों और साझेदार देशों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां भी अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंचने के लिए विदेशों में निवेश और साझेदारी के अवसर तलाश रही हैं।

संस्कृति और शिक्षा पर भी चर्चा

विदेश मंत्री ने बताया कि सोफिया विश्वविद्यालय में यूरोप के सबसे पुराने इंडोलॉजी विभागों में से एक मौजूद है। उन्होंने कहा कि बुल्गारिया में योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाती है।

उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग और बुल्गारिया के रचनात्मक क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की और बुल्गारियाई रचनात्मक उद्योगों को भारत में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

फिनलैंड दौरे पर जाएंगे जयशंकर

बुल्गारिया दौरे के बाद जयशंकर फिनलैंड रवाना होंगे, जहां वह ‘कुल्तारंता वार्ता’ के 14वें संस्करण में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का विषय है, "बदलता हुआ विश्व: वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय दृष्टिकोण"। दौरे के दौरान वह फिनलैंड के वरिष्ठ नेताओं और विदेश मंत्री से भी मुलाकात करेंगे।

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