जगदल मॉब लिंचिंग कांड, पार्षद का बेटा गिरफ्तार !

घर से 6 लाठियां बरामद; इलाके में तनाव बरकरार
Jagdal mob lynching incident: Councillor's son arrested!
अभियुक्त को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

जगदल : जगदल थाना क्षेत्र में 'चोरी' के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD) की टीम ने भाटपाड़ा नगर पालिका की तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुनीता सिंह के बेटे और युवा नेता नमित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

पार्षद के घर पर छापेमारी और बरामदगी

नमित सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और फॉरेंसिक अधिकारियों की टीम ने उसके आवास पर सघन छापेमारी की। जांच के दौरान कमरे से 6 लाठियां और एक टोपी बरामद की है। संदेह जताया जा रहा है कि इन लाठियों का इस्तेमाल वारदात के समय युवक को पीटने के लिए किया गया होगा। सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो, इसके लिए पुलिस ने नमित सिंह के कमरे को पूरी तरह सील कर दिया है। शनिवार को उसे बैरकपुर अदालत में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

क्या थी पूरी घटना?

यह घटना जगदल थाना क्षेत्र की 18 नंबर गली में घटी। मृतक की पहचान गारुलिया निवासी इस्ताक मोल्ला के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, इस्ताक मानसिक रूप से बीमार था और भटकते हुए उस इलाके में पहुँच गया था। वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने उसे चोर समझ लिया और बहस के बाद भीड़ हिंसक हो गई। इस्ताक को तब तक बेरहमी से पीटा गया जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई।

Jagdal mob lynching incident: Councillor's son arrested!
पुलिस ने कमरग्में लगाया ताला

अब तक की गिरफ्तारियां और प्रशासनिक कार्रवाई

इस्ताक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अब तक कुल चार प्रमुख गिरफ्तारियां की हैं:

  1. आजाद अली

  2. राजू हीरा

  3. जीत घोषाल

  4. नमित सिंह (पार्षद पुत्र)

इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जगदल थाने के एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से 'पुलिस लाइन क्लोज' कर दिया गया है।

इलाके में आक्रोश और सुरक्षा के इंतजाम

बैरकपुर कमिश्नरेट के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि पिछले महज चार दिनों के भीतर जगदल और नोआपाड़ा में हत्या की यह तीसरी बड़ी वारदात है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि एक बीमार युवक को भीड़ ने बेरहमी से मार डाला।

पुलिस की डीडी विभाग अब नमित सिंह और अन्य आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि इस 'लिंचिंग' की घटना के पीछे की पूरी साजिश और मुख्य अपराधियों का चेहरा बेनकाब हो सके।

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