बेहद गंभीर मामला है हम कदम उठाएंगे

चीफ जस्टिस के बेंच की टिप्पणी
बेहद गंभीर मामला है हम कदम उठाएंगे
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विश्वविद्यालय में बाहरी तत्वों का प्रवेश

सन्मार्ग संवाददाता 

कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर और अंदर हुए हंगामें को लेकर चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस अरिजीत बनर्जी के डिवीजन बेंच में एक पीआईएल दायर की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है। यह विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं से जुड़ा हुआ है। अगर राज्य और विश्वविद्यालय इस मामले में कदम उठाने में नाकाम रहे हैं तो हम कदम उठाएंगे। 

मामले की सुनवाई के दौरान एक एडवोकेट ने कहा कि पिटीशन फाइल करने के बाद कलकत्ता विश्वविद्यालय ने एक अधिसूचना जारी की है। इसमें बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मसला है और हम नहीं चाहते हैं कि कोई इसका विरोध करे। यह छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। चीफ जस्टिस के बेंच ने राज्य और सभी विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर के अंदर एफिडेविट के साथ रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इसकी अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी। एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि यह राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के मामले में एक साझा याचिका है। कल्याणी विश्वविद्यालय के एडवोकेट ने कहा कि वे एफिडेविट इन अपोजिशन दाखिल करना चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि वह नहीं चाहते हैं कि इस मामले में कोई प्रतिवादी हो और विरोध करे। कल्याणी विश्वविद्यालय के एडवोकेट ने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि आपके प्रयास की जरूरत नहीं है। आप छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर आप नाकाम रहते हैं तो हम आपको बताएंगे कि कैसे किया जाता है।

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