Chandrayaan-3: सफलतापूर्वक अलग हुआ विक्रम लैंडर, चंद्रयान-3 को मिली बड़ी कामयाबी

विक्रम लैंडर बाएं तरफ जो अपने प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो चुका
विक्रम लैंडर बाएं तरफ जो अपने प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो चुका
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लैंडिंग से पहले चंद्रयान-3 ने महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। विक्रम लैंडर प्रोपल्शन लैंडर से अलग हो गया है। अब बचे 100 किलो मीटर की यात्रा इसे अकेले तय करनी है। आने वाला 6 दिन बेहद अहम साबित होगा।

Chandrayaan 3 Updates: चांद पर लैंडिंग से पहले चंद्रयान-3 को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर चंद्रयान-3 को दो अलग-अलग टुकड़ों में बांट दिया गया। इस प्रोसेस में चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन और लैंडर मॉड्यूल को अलग किया गया है। चांद के 100 किमी. क्षेत्र में विक्रम लैंडर घूमेगा और धीरे-धीरे लैंडिंग की ओर बढ़ेगा।

ISRO ने दी जानकारी
ISRO की ओर से बयान जारी कर ऐलान किया गया कि प्रोपल्शन और लैंडर सफलतापूर्वक अलग हो गए हैं। वहीं, शुक्रवार (18 अगस्त) को शाम 4 बजे निचले ऑर्बिट में लैंडर मॉड्यूल को डिबूस्ट किया जाएगा। भारत चांद पर पहुंचने के बेहद करीब है। भारत के 3 प्रोपल्शन मॉड्यूल चांद के पास हैं। चंद्रयान-3 की चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद चांद पर पहुंचने वाले देश में भारत का चौथा नंबर पर रहेगा। बता दें कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में चंद्रयान-3 लैंड होगा। यह ऐसी जगह है जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है। अगला 6 दिन अलग होने के बाद से बेहद अहम माना जा रहा है।

<strong>विक्रम लैंडर प्रोपल्शन लैंडर से अलग हुआ</strong>
विक्रम लैंडर प्रोपल्शन लैंडर से अलग हुआ

चांद से सिर्फ 100 किमी है दूर
अब विक्रम लैंडर चांद की 100 किमी की रेंज में ओवल शेप में घूमता रहेगा। तेज रफ्तार विक्रम लैंडर की स्पीड कम करने की कोशिश की जाएगी। स्पीड कम होने के बाद लैंडर को चांद की ओर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी।

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