क्या कल्याण बनर्जी से दूरी बना रही हैं ममता?

कल्याण के निलंबन पर ममता अब तक ''मौन''
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कोलकाता : लोकसभा के मानसून सत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के निलंबन पर ममता बनर्जी की चुप्पी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

विधानसभा से कुणाल घोष के निलंबन के तुरंत बाद ममता ने फेसबुक पर लंबी पोस्ट लिखकर विरोध जताया था, लेकिन कल्याण के निलंबन के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

राजनीतिक गलियारों में इसे 21 जुलाई के शहीद दिवस के मंच पर ममता और कल्याण के बीच हुए सार्वजनिक मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दिन भाषण को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद कल्याण ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी।

ऋतब्रत गुट के प्रवक्ता प्रसून बनर्जी ने कहा कि ममता की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, हालिया घटनाक्रम से कल्याण आहत हैं और उन्हें लग रहा है कि पार्टी में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।

हालांकि, ममता गुट के कई नेता कल्याण के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। कुणाल घोष ने संसद में कल्याण की टिप्पणी को "100 प्रतिशत सही" बताया, जबकि महुआ मोइत्रा ने उनके निलंबन को अनैतिक बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

उधर, निलंबन के अगले दिन कल्याण बनर्जी ने संसद परिसर में अकेले प्रदर्शन किया। गले में तख्ती लटकाकर उन्होंने आरोप लगाया, "सदन में भाजपा के साथ 20 गद्दार मौजूद हैं।" इसे तृणमूल छोड़ चुके 20 सांसदों पर उनका सीधा हमला माना जा रहा है।

फिलहाल, कल्याण के निलंबन पर ममता की चुप्पी ने दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर सियासी अटकलों को और तेज कर दिया है।

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