IRCTC 'scam': लालू प्रसाद को अब हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद, कल सुनवाई

13 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने लालू यादव और बाकी लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
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नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने की संभावना है जिसमें उन्होंने कथित आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) घोटाला मामले में उनके और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव तथा 11 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए जाने संबंधी विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ने इस आदेश को हाल में चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।

अदालत के सूत्रों के अनुसार, यह मामला पांच जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। इससे पहले 13 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। लालू यादव के अलावा, अदालत ने प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13(2) ((धारा 13(1)(डी)(ii) एवं (iii) के साथ पढ़ा जाए) के तहत आरोप तय किए।

धारा 13(2) लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए दंड से संबंधित है, और धारा 13(1)(डी)(ii) और (iii) लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त करने से संबंधित है।

अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था।

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