

इराक ने एशियाई व्यापारियों और रिफाइनरों को सूचित किया है कि उसके कच्चे तेल के जहाज अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं, क्योंकि ईरान ने इराकी तेल शिपमेंट को प्रतिबंधों से छूट दी है। इस कदम को खरीदारों के भरोसे की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
इराक की स्टेट ऑर्गनाइजेशन फॉर मार्केटिंग ऑफ ऑयल (सोमो) ने रविवार को जारी नोटिस में कहा कि इराकी तेल शिपमेंट संभावित प्रतिबंधों से मुक्त हैं और सभी लोडिंग टर्मिनल, जिनमें बसरा भी शामिल है, पूरी तरह चालू हैं। ग्राहकों से 24 घंटे के भीतर जहाजों की जानकारी और तेल की मात्रा सहित लोडिंग शेड्यूल देने को कहा गया है।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था सभी इराकी तेल जहाजों पर लागू होगी या केवल इराक के अपने टैंकरों पर। एशियाई खरीदारों ने इस कदम को लेकर सतर्कता जताई है और सुरक्षा शर्तों को लेकर स्पष्टता मांगी है, खासकर यह कि क्या इराक अपने टैंकर उपलब्ध कराएगा।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के बाद इराक के तेल निर्यात पर बड़ा असर पड़ा था। मार्च में इराक का तेल निर्यात लगभग 97 प्रतिशत गिरकर औसतन 99 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया था।
हाल के दिनों में इस अहम जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन युद्ध से पहले की तुलना में ट्रैफिक अभी भी काफी कम है। इराक के पास तुर्की से गुजरने वाली पाइपलाइन के अलावा निर्यात के लिए सीमित विकल्प हैं, इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।